Following the Scuba Dive
पिघले नीलम सा बहता हुआ ये समां
नीली नीली सी खामोषिया
ना कही है जमीन ना कही आसमान
सरसराती हुई तहनिया, पत्तिया
कह रही है की बस एक तुम हो यहाँ
सिर्फ मैं हूँ, मेरी साँसे हैं और मेरी धडकने
ऐसीं गहराइयाँ ऐसीं तनहैया और मैं , सिर्फ मैं
अपने होने पे मूज़कों यकीन आ गया
Following the departure from Bruno
एक बात होटो तक हैं जो आई नहीं
बस आँखों से है झाक्तीं
तुमसे कभी मुझसे कभी
कुछ लब्ज हैं वोह मांगती
जिनको पहन की होटो तक आजाये वोह
आवाज की बाहों में बाहे डाले इठलाये वोह
लेकिन जो ये बात हैं , एहसास ही एहसास है
खुशबू से है जो हवान में तैरती
खुशबू जो बेआवाज हैं
जिसका पता तुमको भी हैं,
जिसकी खबर मुझको भी हैं
दुनीया से भी छूपता नहीं
ये जाने कैसा राज हैं
Following the dark night in the dessert
जब जब दर्द का बादल छाया
जब गम का साया लहरायाँ
जब आसूं पलकों तक आया
जब यह तनहा दिल घबराया
हमने दिल को ये समझाया
दिल आखिर तू क्यूं रोता हैं
दुनिया में यूव ही होता हैं
ये जो गहरें सन्नाटे है
वक़्त सबको ही बाटे हैं
थोडा गम है सबका हिस्सा
थोड़ी धुप है सबका हिस्सा
आग तेरी बेकार ही ना बहें
हर पल एक नया मौसम हैं
क्यूँ तू ऐसे बल खोता है
दिल आखिर तू क्यूँ रोता है
Final scene
दिलो में तुम अपनी बेताबियाँ लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
नजर में ख्वाबों की बिजलिया लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
हवान की झोकों के जैसे आजाद होके जिन्दा रहना सीखों
तुम एक दरियां के लहरों के जैसे बहना सीखों
हर एक लम्हे से तुम मिलो खोलें अपनी बाहें
हर एक पल एक नया समा देखे ये निगाहें
जो अपनी आखों में हैरानिया लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
दिलो में तुम अपनी बेताबियाँ लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
पिघले नीलम सा बहता हुआ ये समां
नीली नीली सी खामोषिया
ना कही है जमीन ना कही आसमान
सरसराती हुई तहनिया, पत्तिया
कह रही है की बस एक तुम हो यहाँ
सिर्फ मैं हूँ, मेरी साँसे हैं और मेरी धडकने
ऐसीं गहराइयाँ ऐसीं तनहैया और मैं , सिर्फ मैं
अपने होने पे मूज़कों यकीन आ गया
Following the departure from Bruno
एक बात होटो तक हैं जो आई नहीं
बस आँखों से है झाक्तीं
तुमसे कभी मुझसे कभी
कुछ लब्ज हैं वोह मांगती
जिनको पहन की होटो तक आजाये वोह
आवाज की बाहों में बाहे डाले इठलाये वोह
लेकिन जो ये बात हैं , एहसास ही एहसास है
खुशबू से है जो हवान में तैरती
खुशबू जो बेआवाज हैं
जिसका पता तुमको भी हैं,
जिसकी खबर मुझको भी हैं
दुनीया से भी छूपता नहीं
ये जाने कैसा राज हैं
Following the dark night in the dessert
जब जब दर्द का बादल छाया
जब गम का साया लहरायाँ
जब आसूं पलकों तक आया
जब यह तनहा दिल घबराया
हमने दिल को ये समझाया
दिल आखिर तू क्यूं रोता हैं
दुनिया में यूव ही होता हैं
ये जो गहरें सन्नाटे है
वक़्त सबको ही बाटे हैं
थोडा गम है सबका हिस्सा
थोड़ी धुप है सबका हिस्सा
आग तेरी बेकार ही ना बहें
हर पल एक नया मौसम हैं
क्यूँ तू ऐसे बल खोता है
दिल आखिर तू क्यूँ रोता है
Final scene
दिलो में तुम अपनी बेताबियाँ लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
नजर में ख्वाबों की बिजलिया लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
हवान की झोकों के जैसे आजाद होके जिन्दा रहना सीखों
तुम एक दरियां के लहरों के जैसे बहना सीखों
हर एक लम्हे से तुम मिलो खोलें अपनी बाहें
हर एक पल एक नया समा देखे ये निगाहें
जो अपनी आखों में हैरानिया लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
दिलो में तुम अपनी बेताबियाँ लेकर चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम
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